About Author – Aanchal Rastogi


कुछ स्मृतियाँ यूँ ही नहीं जा पाती है,
‘अतीत के गर्त’ से यूँ बाहर निकल आती है !…
हे मन काहे को तू घबराये,
दुनिया में तू क्या लाया था……..
One in a million people,
My best friend yet we fight ….
Ishita Das is a published writer from Durgapur……
सुख के पंख लगाकर,
उड़ जाते हैं सपन सलोनें | ……………….